Posted by: ajayjha on: July 21, 2009
खबर :- हाँ, मैं हूँ मुंबई का कातिल, : कसाब ने अपना जुर्म कबूला
नज़र :- मुबारक हो भैया..सच का सामना का पहला विजेता तो मिल गया…अब फटाफट उसे एक करोड़ दे दो…देखो कित्ती इमानदारी से उसने सच कबूल लिया…क्या कहा..पोलिओग्रैफी टेस्ट से जांच होगी…अबे छोडो ..उस टेस्ट को गोलिओग्राफी देना तो उन्हें खूब आता है…क्या फिर भी विजेता नहीं मानोगे ..क्यूँ भाई…अच्छा अच्छा ..उनसे सैक्स से सम्बंधित कोई सच नहीं उगलवाया जा सका है इसलिए…ठीक है भाई मर्जी..है ..वैसे सच तो उसने कबूल ही लिया है…..
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खबर :-एयर पोर्ट पर जांच के लिए उतरवाए डाक्टर कलाम के जूते..
नजर :- क्या बात करते हो ..अरे नहीं नहीं यार या वो वैसी वाली बात नहीं है..दरअसल जब से वहाँ जूते चलाने की नेक प्रथा चल निकली है ..उन्हें जूतों की ताकत और उसकी खतरनाक मारक क्षमता का पता चल गया है ..इसलिए आव देखते हैं न ताव फट से जूते उतार लेते हैं…सुना है ..जूतों पर तो प्रतिबन्ध लगने वाला है वहाँ..ऐसे जॉर्ज साहब कह रहे हैं..बिलकुल गलत बात है ..उनका तो पता नहीं क्या क्या उतार लिया था ..इत्ती भेदभाव …
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खबर :- हिलेरी ने कहा, पाक लश्कर को उखाड़ फेंके..
नजर :- कमाल है ..कैसी बातें करती हैं आप हिलेरी जी ..ऐसा भी कहीं होता है की माली खुद ही अपने हाथों .इत्ते प्यार से लगाए बाग़ को खुद ही उखाड़ फेंके..उसके लिए आपही को वो वाला फावडा लाना होगा..जिससे आपने …इराक़ और अफगानिस्तान की खुदाई की थी..अभी तो आपके डोनेशन पर ही उनमें हर्बल टाईप का खाद पानी डाला जा रहा है .
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खबर :-ड़ी टी सी बस ने एक छात्र को रौंदा
नजर :- अरे ..अब इसके बाद कौन कह सकता है की सरकारी महकमें निक्काम्मे और नकारा होते हैं …बताइये ..जो काम अब तक ब्लू लाइन बसें ही कर पा रही थी ..उसे अब ये सरकारी बसें भी कर रही हैं
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खबर :- ड़ी ड़ी ए, ने संसद को भी गुमराह किया
नजर :- भैया इसमें तो दोनों को ही क्रेडिट देना होगा…अबे भाई..जब ड़ी ड़ी ए , लाखों लोगों को बेवकूफ बना सकती है..उन्हें गुमराह कर सकती है ..तो ये पांच सौ लोगों को क्यूँ नहीं..दूसरी बात ये की ..किसे गुमराह करने की बात करे रहे हो..संसद को ..हुंह ,,,जैसे पहले तो वो गुमराह थी ही नहीं..अरे गुमराह तो वो होता है जिसकी कोई राह हो..जिसकी राह ही ना हो..वो क्या ख़ाक…
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खबर :-राजधानी में गहराया बिजली संकट
नजर :- हाँ, यार ये बात तो सच है,,,न बिजली चमक रही है ..न ही बारिश हो रही है..अबे क्या भैंगी नजर है से देखा है..,मियाँ यहाँ बिजली यानी लाईट यानि बत्ती की बात हो रही है ..समझे
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खबर :-विश्व स्तर पर युवा नेतृत्व की जरूरत , हिलेरी
नजर :- ऐसा आपको लगता है..हम सच्चे लोकतंत्र में विश्वास करते हैं जी..हमें तो उन नेताओं की आदत पद गयी है..जिन्हें हर महीने दो महीने में ..कभी घुटने..कभी गुर्दे..कभी दांत बदलवाने की जरूरत पड़ती है…..मगर यकीन मानिए दिल से वे जवान हैं..अरे यकीन मानिए न..देखा नहीं …अभी अभी समलैंगिकता का भी कित्ता स्वागत किया है सबने…हें हें..हें…हें..
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जाओ अब नहीं पढ़ते और अभी ज्यादा …..
खबरों पर अच्छी चुटीली
टिप्पणियाँ। वाकई आप बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं।
आपका यह अंदाज तो पहले भी देख चुका हूँ, फिर से अपने जौहर यहाँ दिखाने के लिए बधाई
झाजी जवाब नहीं आपका, इ का नया अंदाज दिखाने लगे हैं
हमसे आप अब तिपनी पर तिपवाने लगे है ?
बहुत बढ़िया और निराला अंदाज हैं आपका, बहुत भाया…
July 21, 2009 at 8:32 am
रब क्या जवाब छोदेम आपने क्या कम मुरम्मत कर दी बहुत बडिया आभार्